Kafan (कफ़न)

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Sale price  Rs. 159.00 Regular price  Rs. 299.00
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Title: Kafan (कफ़न)

Author: Munshi Premchand

"झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात थी, प्रकृति सन्नाटे में डूबी हुई, सारा गाँव अन्धकार में लय हो गया था।

घीसू ने कहा-मालूम होता है, बचेगी नहीं। सारा दिन दौड़ते हो गया, जा देख तो आ।
झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात थी, प्रकृति सन्नाटे में डूबी हुई, सारा गाँव अन्धकार में लय हो गया था।

घीसू ने कहा-मालूम होता है, बचेगी नहीं। सारा दिन दौड़ते हो गया, जा देख तो आ।"

प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी कफ़न गरीबी, सामाजिक असमानता और मानवीय संवेदनाओं की जटिलताओं को उजागर करती है। घीसू और माधव की कहानी के माध्यम से लेखक भूख, विवशता और सामाजिक व्यवस्था की कठोर वास्तविकताओं को सामने लाते हैं। हिंदी साहित्य की यह कालजयी रचना समाज और मानवीय व्यवहार पर गहरा विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

FORMAT: Paperback

Product details

  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Print length ‏ : ‎ 144 pages
  • Item Weight ‏ : ‎ 320 g
  • Dimensions ‏ : ‎ 21.59 x 13.97 x 2.54 cm

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